पंचायत चुनाव के बीच RLP में बड़ा संगठनात्मक फैसला, रामरख बिश्नोई सभी पदों से निष्कासित; दिलीप चौधरी को नोटिस देने की तैयारी

नागौर। पंचायती राज चुनावों के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नागौर स्थित आवास पर जोधपुर संभाग के पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुलाकात कर फलोदी जिले के सह-प्रभारी रामरख बिश्नोई के खिलाफ गंभीर शिकायतें प्रस्तुत कीं। शिकायतकर्ताओं ने कथित भ्रष्टाचार और पार्टी विरोधी गतिविधियों से संबंधित साक्ष्य भी उपलब्ध करवाने की बात कही।

पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शिकायतों में आरोप लगाया गया कि रामरख बिश्नोई ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं से कथित मिलीभगत तथा धनबल से प्रभावित होकर फलोदी जिले में पार्टी के दो प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न समय पर जमा नहीं करवाए। इसके चलते दोनों प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने की बात कही गई है। वहीं, जोधपुर जिले में भी पार्टी के दो प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने को लेकर शिकायतें सामने आने का उल्लेख किया गया।

शिकायतों के बाद रामरख बिश्नोई पर कार्रवाई

पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीर मानते हुए रामरख बिश्नोई को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सभी पदों से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही पूर्व विधायक एवं जोधपुर तथा फलोदी जिलों के प्रभारी दिलीप चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही गई है।

पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की आंतरिक जांच करवाई जाएगी। जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यकर्ताओं की शिकायतों को बताया गंभीर

पार्टी नेतृत्व ने कहा कि संगठन के विस्तार और मजबूती की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी जाती है, उनसे निष्ठा और जवाबदेही की अपेक्षा रहती है। ऐसे में पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित शिकायतें गंभीर विषय हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी संगठनात्मक अनुशासन, कार्यकर्ताओं के सम्मान और आपसी विश्वास को प्राथमिकता देती है। किसी भी व्यक्ति को पद या प्रभाव के आधार पर संगठन के हितों के विरुद्ध काम करने की छूट नहीं दी जाएगी।

आंतरिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई

पार्टी की ओर से कहा गया है कि शिकायतों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। संगठन ने दोहराया कि पार्टी के हितों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जाएगा तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पंचायती राज चुनावों के बीच सामने आए इस घटनाक्रम से जोधपुर और फलोदी जिलों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।

रिपोर्ट: ओमप्रकाश गोदारा

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