किशनगढ़ (अजमेर)। राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में नेशनल हाईवे-48 पर गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पाटन चौराहे के पास तेज रफ्तार स्लीपर बस ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीनों बाइक सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
जयपुर की ओर जा रहे थे तीनों बाइक सवार
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे हुआ। बाइक पर सवार तीनों लोग जयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई स्लीपर बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस बाइक को करीब 20 फीट तक घसीटते हुए ले गई। दुर्घटना में बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सवार गंभीर रूप से कुचल गए।
हादसे की भयावहता के चलते घटनास्थल पर मौजूद लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस चालक ने तत्काल वाहन नहीं रोका बस बाइक को करीब 20 फीट तक घसीटते हुए ले गई।
अस्पताल में मृत घोषित, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को किशनगढ़ के वाईएनएच हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शवों को अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया।
किशनगढ़ थाना प्रभारी बीएल जाट के अनुसार, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने बस को क्रेन की सहायता से थाने पहुंचाया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मृतकों में मां-बेटी भी शामिल
पुलिस के अनुसार, हादसे में हरमाड़ा निवासी भागचंद (38), फलौदा निवासी लाडा देवी (45) और हंसा (18) की मौत हुई है। हंसा और लाडा देवी मां-बेटी थीं। तीनों की मौत से उनके परिवारों में शोक छा गया।
पाटन चौराहे पर पुलिया या कट बंद करने की मांग
हादसे के बाद घटनास्थल पर एकत्र लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने पाटन चौराहे पर पुलिया निर्माण की मांग उठाते हुए कहा कि यहां यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
लोगों की मांग है कि यदि पुलिया का निर्माण संभव नहीं है, तो चौराहे पर बने कट को बंद किया जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
नेशनल हाईवे-48 पर हुए इस हादसे ने पाटन चौराहे की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रिपोर्ट: ओमप्रकाश गोदारा
