
जोधपुर में ‘तरंग शक्ति-2026’ का समापन, मित्र देशों के लड़ाकू विमानों के साथ भारतीय वायुसेना ने दिखाई ताकत; 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे वायुसेना प्रमुख
जोधपुर, राजस्थान | 13 अक्टूबर 2026
भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक यादगार पल दर्ज हो गया, जब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में अपने करियर की अंतिम लड़ाकू उड़ान भरी। सोमवार, 12 अक्टूबर को जोधपुर एयरबेस से भरी गई इस उड़ान ने उनके शानदार उड़ान करियर के एक महत्वपूर्ण अध्याय को विराम दिया। यह उड़ान बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ के समापन के दौरान हुई।
करीब चार दशकों की सैन्य सेवा के बाद अपने करियर की इस खास उड़ान के लिए स्वदेशी तेजस का चयन करना भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता और देश में विकसित लड़ाकू विमान तकनीक के महत्व को भी रेखांकित करता है।
स्वदेशी तेजस में भरी अंतिम लड़ाकू उड़ान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जोधपुर के आसमान में तेजस विमान के कॉकपिट से उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना ने इस ऐतिहासिक पल को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश के जरिए साझा किया।
वायुसेना के मुताबिक, यह उड़ान उस फाइटर पायलट की भावना को दर्शाती है, जिसने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करने में विश्वास रखा। उनके करियर में उड़ान के प्रति जुनून और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की अहम भूमिका रही है।
तेजस केवल एक लड़ाकू विमान नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की महत्वाकांक्षा का प्रतीक भी है। ऐसे में वायुसेना प्रमुख की अंतिम लड़ाकू उड़ान के लिए इसी विमान का चयन विशेष महत्व रखता है।
एक आसमान में दिखी कई देशों की हवाई ताकत
जोधपुर एयरबेस पर आयोजित ‘तरंग शक्ति-2026’ में भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं ने संयुक्त अभ्यास किया। इस दौरान अलग-अलग देशों के लड़ाकू और सहायक विमानों ने अपनी परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
भारतीय वायुसेना के सूर्यकिरण एरोबैटिक दल ने भी अपने सटीक फॉर्मेशन के जरिए आसमान में शानदार प्रदर्शन किया। अभ्यास ने अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय, तकनीकी अनुभव साझा करने और संयुक्त अभियानों की तैयारी को मजबूत करने का अवसर दिया।
26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चला ‘तरंग शक्ति-2026’
भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर चला। इसकी थीम थी — ‘पावर इन पार्टनरशिप’, यानी साझेदारी में शक्ति।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में भारत के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और श्रीलंका की वायुसेनाओं ने हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हवा में ईंधन भरने की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मित्र देशों के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाना, सामरिक अनुभव साझा करना और आधुनिक हवाई युद्ध की चुनौतियों के लिए संयुक्त तैयारी को बेहतर बनाना था।

31 अक्टूबर को रिटायर होंगे एपी सिंह
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। उनके बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख का पदभार संभालेंगे। केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
एपी सिंह की अंतिम लड़ाकू उड़ान उनके उड़ान करियर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का प्रतीक है। हालांकि, वर्दी में उनकी सेवा का अध्याय समाप्त होने वाला है, लेकिन राष्ट्रसेवा का उनका योगदान इस उड़ान के साथ समाप्त नहीं होता।
तेजस की उड़ान ने दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
जोधपुर के आसमान में तेजस की यह उड़ान सिर्फ एक औपचारिक विदाई नहीं थी। यह भारत की स्वदेशी विमानन क्षमता, वायुसेना के पेशेवर समर्पण और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आई।
‘तरंग शक्ति-2026’ के समापन के साथ भारत ने मित्र देशों के सामने अपनी हवाई क्षमताओं और संयुक्त अभियानों की तैयारी का प्रदर्शन किया। वहीं, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की अंतिम लड़ाकू उड़ान ने एक संदेश दिया—एक फाइटर पायलट के लिए आसमान से रिश्ता केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवनभर का जुनून होता है।
रिपोर्ट: रक्षा समाचार | जोधपुर, राजस्थान
रिपोर्टर: ओम प्रकाश गोदारा