श्रीगंगानगर, राजस्थान। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पहुंचाने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। रावला क्षेत्र में खानुवाली पोस्ट के पास चलाए गए संयुक्त अभियान में तीन संदिग्ध पैकेट बरामद किए गए। इनमें दो विदेशी निर्मित जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 650 कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई है। मामले में पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
एक महीने की निगरानी के बाद कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) करीब एक महीने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से हथियारों की खेप गिराए जाने की सूचना मिली। इसके बाद ANTF, सीमा सुरक्षा बल (BSF), राजस्थान पुलिस, CID और ATS ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों की पहचान लखविंदर सिंह (19), निवासी फिरोजपुर, और सुखविंदर सिंह (19), निवासी जालंधर के रूप में हुई है। जांच एजेंसियां उनकी कथित भूमिका और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
तीन पैकेटों से मिले हथियार और कारतूस
तलाशी के दौरान बरामद सामग्री में दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और लगभग 650 कारतूस शामिल बताए गए हैं। पिस्तौलों पर तुर्की में निर्मित होने का उल्लेख होने की जानकारी भी सामने आई है।
तीसरे पैकेट में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री होने की आशंका जताई गई है। इसके RDX होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। सामग्री की सुरक्षित जांच के लिए बीकानेर से बम निरोधक दस्ते को बुलाए जाने की जानकारी है।
नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
इस कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि हथियारों की खेप किसने भेजी, इसे आगे किस तक पहुंचाया जाना था और क्या इसके पीछे सीमा पार से संचालित कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
फिलहाल, बरामदगी और गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।

