जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सतीश शर्मा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या किसी एक नेता को पूरी डोगरा कौम का प्रतिनिधि कहा जा सकता है?
दरअसल, 2022 में परिसीमन के दौरान अखनूर विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं में बदलाव किया गया था। आरोप है कि कुछ ऐसे इलाके, जहां डोगरा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, अखनूर से अलग कर छंब विधानसभा क्षेत्र में शामिल कर दिए गए।
अब मांग उठ रही है कि इन इलाकों को दोबारा अखनूर विधानसभा क्षेत्र में शामिल करने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए।
इस पूरे मामले में राजनीतिक प्रभाव, समुदाय के वोट और चुनावी समीकरणों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, पोस्ट में सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा गया है कि किसी एक नेता का मंत्री बनना या पद से हटना पूरी डोगरा कौम की राजनीतिक हैसियत तय नहीं करता।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अखनूर से अलग किए गए इलाकों को वापस जोड़ने की मांग पर कोई फैसला होगा?
देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार और राजनीतिक दलों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
Smile TV Jammu | Jammu News