
कोलकाता, पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी भीड़ और बारिश के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस हादसे में 19 लोगों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
बारिश और भीड़ के बीच बिगड़े हालात
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार शाम पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने पर लोग अंदर जाने के लिए आगे बढ़ने लगे। संकरी गलियों और प्रवेश-निकास मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। कुछ रिपोर्टों में लाउडस्पीकर पर हुई घोषणा के बाद हालात बिगड़ने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
लोगों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास के रास्तों तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि पंडाल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी भीड़ नियंत्रण व्यवस्था नहीं थी। इन आरोपों की जांच की जा रही है और इन्हें अभी अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पंडाल के आयोजकों और निजी सुरक्षा कर्मियों सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन घटना के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने भी पीड़ित परिवारों को सहायता देने और घटना की जांच कराने की बात कही है। हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट: ओमप्रकाश गोदारा